मोदी ने किया क्या है?
मिश्रित प्रभाव

PM-विद्यालक्ष्मी: 860 शीर्ष-रैंक संस्थानों के छात्रों को बिना गिरवी शिक्षा ऋण — ₹7.5 लाख तक 75% क्रेडिट गारंटी, हर साल एक लाख छात्रों को ब्याज सहायता, पर उपयोग का आंकड़ा नहीं मिला

प्रकाशित: 18 अक्टू॰ 2026

नव॰ 2024मार्च 2031

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संभावित पात्र छात्र बनाम हर साल ब्याज सहायता पाने वाले छात्र (लाख)

संभावित पात्र (QHEI)

22

प्रति वर्ष ब्याज सहायता

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योजना शीर्ष-रैंक संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों से गारंटर की शर्त हटाती है, और उनमें से केवल थोड़े को ब्याज सहायता मिल सकती है। कितने छात्रों ने वास्तव में इसका उपयोग किया, यह आंकड़ा अब भी ग़ायब है।

मंत्रिमंडल ने क्या मंज़ूर किया

6 नवंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-विद्यालक्ष्मी को मंज़ूरी दी, जो एक नई केंद्रीय क्षेत्र की योजना है और जिसका उद्देश्य, मंत्रिमंडल के शब्दों में, यह है कि आर्थिक बाधाएँ किसी को उच्च शिक्षा से न रोकें। 'गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान' (QHEI) में प्रवेश पाने वाला कोई भी छात्र बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऐसे ऋण का पात्र बनता है जिसमें गिरवी या गारंटर नहीं लगता और जो पूरी ट्यूशन फ़ीस व पाठ्यक्रम के अन्य ख़र्च कवर करता है। आवेदन उच्च शिक्षा विभाग के एक ही डिजिटल पोर्टल से होते हैं।

कौन से संस्थान और कितने छात्र

पात्र संस्थानों की सूची NIRF रैंकिंग से तय होती है: समग्र, श्रेणी या क्षेत्र की रैंकिंग में शीर्ष 100 के भीतर सभी सरकारी और निजी संस्थान; 101 से 200 में रैंक वाले राज्य-सरकारी संस्थान; और केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी संस्थान। यह 860 संस्थानों से शुरू होती है, जो मंत्रिमंडल के नोट के अनुसार '22 लाख से अधिक छात्रों' को योजना का संभावित लाभ दे सकते हैं, और हर साल अद्यतन होगी। इन संस्थानों से बाहर का छात्र, पाठ्यक्रम कितना भी अच्छा हो, इस योजना में कवर नहीं है।

क्रेडिट गारंटी और ब्याज में मदद

₹7.5 लाख तक के ऋण पर सरकार बकाया चूक की 75% राशि की क्रेडिट गारंटी देती है, ताकि बैंक ऋण दें। अलग से, ₹8 लाख तक वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र, जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज-सहायता योजना के पात्र नहीं हैं, को ₹10 लाख तक के ऋण पर मोराटोरियम अवधि में 3% ब्याज सहायता मिलती है। यह हर साल एक लाख छात्रों को दी जाएगी, सरकारी संस्थानों के तकनीकी या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों वालों को वरीयता के साथ। 2024-25 से 2030-31 के लिए ख़र्च ₹3,600 करोड़ है और इस अवधि में 7 लाख नए छात्रों को लाभ की अपेक्षा है। पुरानी PM-USP योजना ₹4.5 लाख तक पारिवारिक आय वाले तकनीकी और व्यावसायिक छात्रों को मोराटोरियम में पूरी ब्याज सहायता देती रहती है।

आंकड़े साथ-साथ

मंत्रिमंडल के अनुसार जिन 22 लाख छात्रों को योजना का लाभ मिल सकता है, उनमें से ब्याज सहायता हर साल एक लाख के लिए है, यानी लगभग 4.5% (हमारा गणित)। ₹3,600 करोड़ के ख़र्च को अपेक्षित 7 लाख लाभार्थियों से भाग देने पर पूरी अवधि में प्रति छात्र लगभग ₹51,000 आता है (हमारा गणित; मंत्रिमंडल का नोट प्रति छात्र आंकड़ा नहीं देता)। क्रेडिट गारंटी में छात्रों की संख्या की कोई सीमा नहीं बताई गई, केवल ऋण राशि की सीमा है।

सूक्ष्म नज़र: एक छात्र के लिए

योजना सबसे ज़्यादा उस छात्र की मदद करती है जिसने शीर्ष-रैंक या केंद्रीय संस्थान में सीट पा ली है और जिसे गारंटर के बिना ऋण चाहिए। यह उस छात्र की कम मदद करती है जो सूची से बाहर कम रैंक वाले या निजी संस्थान में है, जो प्रबंधन कोटे से आया है, या जिसका परिवार ₹8 लाख से ज़्यादा कमाता है और ब्याज में राहत चाहता है। ऋण फिर भी चुकाना है, और 3% सहायता केवल मोराटोरियम में है, पूरी चुकौती अवधि में नहीं।

व्यापक नज़र: पहुँच बनाम कवरेज

क्रेडिट गारंटी चूक का कुछ जोखिम बैंकों से सरकार पर डालती है, और इसी तरह योजना बैंकों को बिना गिरवी ऋण देने के लिए प्रेरित करती है। बैंक वास्तव में अधिक ऋण मंज़ूर करते हैं या नहीं, किन्हें, और चुकौती टिकती है या नहीं, इन सवालों का जवाब मंत्रिमंडल का नोट नहीं दे सकता। संस्थान की रैंकिंग पर सीमित योजना पहुँच को केवल ज़रूरत से नहीं, बल्कि इससे भी जोड़ती है कि छात्र को कहाँ प्रवेश मिला।

जो शामिल नहीं

योजना के तहत कितने छात्रों ने आवेदन किया, कितनों को मंज़ूरी मिली या भुगतान हुआ, यह स्थापित नहीं हुआ: शिक्षा मंत्रालय के इस पर संसदीय उत्तर यहाँ खोले नहीं जा सके, इसलिए उपयोग का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। बैंक-वार प्रदर्शन, अस्वीकृति के कारण, चुकौती और चूक के आंकड़े, बैंकों के अपने उत्पाद-नोट की पूरी शर्तें और कोई स्वतंत्र मूल्यांकन भी नहीं पढ़े गए। ऊपर की शर्तें नवंबर 2024 में मंत्रिमंडल से मंज़ूर शर्तें हैं और तब से बदली हो सकती हैं।

उच्च शिक्षाशिक्षा ऋणPM-विद्यालक्ष्मी

स्रोत

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आख़िरी बार सत्यापित: 18 अक्टू॰ 2026

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