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तुलना

जन्म के समय जीवन प्रत्याशा: भारत बनाम दुनिया

जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (वर्ष, 2024)

चीन
78.0 वर्ष
बांग्लादेश
74.9 वर्ष
वैश्विक औसत
73.5 वर्ष
दक्षिण एशिया (क्षेत्रीय औसत)
72.6 वर्ष
भारत
72.2 वर्ष
पाकिस्तान
67.8 वर्ष
1947 में आज़ादी के समय भारत में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा मात्र लगभग 32 वर्ष होने का व्यापक रूप से उल्लेख मिलता है—कुपोषण, महामारी बीमारियों (मलेरिया, हैजा, तपेदिक) और बेहद सीमित स्वास्थ्य ढांचे का सीधा नतीजा। विश्व बैंक के अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलनीय आंकड़े 1960 से शुरू होते हैं, और तब भी यह आंकड़ा सिर्फ 45.6 वर्ष था। 2024 में यह आंकड़ा 72.2 वर्ष तक पहुंच गया है—यानी आज़ादी के बाद के दशकों में जीवन प्रत्याशा दोगुने से भी ज़्यादा बढ़ी है, और सिर्फ 1960 के बाद के विश्व बैंक के अपने आंकड़ों में ही 26 वर्ष से ज़्यादा का इज़ाफ़ा हुआ है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास में यह वाकई एक उल्लेखनीय बदलाव है, और इसे भारत की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर स्वीकार किया जाना चाहिए। लेकिन यह सवाल अलग है कि भारत आज अपने समकक्ष देशों की तुलना में कहां खड़ा है। विश्व बैंक के 2024 के आंकड़ों (जो संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या प्रभाग की जनसंख्या अनुमान श्रृंखला पर आधारित हैं) के अनुसार, भारत की 72.2 वर्ष की जीवन प्रत्याशा चीन (78.0 वर्ष), बांग्लादेश (74.9 वर्ष), दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय औसत (72.6 वर्ष) और वैश्विक औसत (73.5 वर्ष)—इन चारों से पीछे है। इस तुलना-समूह में भारत केवल पाकिस्तान (67.8 वर्ष) से आगे है। यानी भारत की ऐतिहासिक प्रगति भले ही असाधारण हो, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह अपने ही क्षेत्रीय और वैश्विक औसत से नीचे बना हुआ है। यहां एक साफ़ और बिना लीपापोती के कहने वाली बात यह है कि बांग्लादेश—जो प्रति व्यक्ति आय में भारत से पीछे है—जीवन प्रत्याशा के इस विशिष्ट पैमाने पर भारत से आगे निकल चुका है, और यह हाल के वर्षों में लगातार बना हुआ अंतर है, न कि किसी एक साल का उलटफेर। यह इस बात की याद दिलाता है कि आर्थिक विकास और स्वास्थ्य परिणाम स्वचालित रूप से साथ-साथ नहीं चलते—स्वच्छता, टीकाकरण कवरेज, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था तक पहुंच जैसे कारक भी उतने ही निर्णायक हैं। भारत के भीतर एक और अंतर भी उतना ही वास्तविक है: विश्व बैंक के ही 2024 के लिंग-वार आंकड़ों के अनुसार भारतीय महिलाओं की जीवन प्रत्याशा (73.9 वर्ष) पुरुषों (70.7 वर्ष) से लगभग 3.1 वर्ष अधिक है—यह अंतर वैश्विक पैटर्न के अनुरूप है, लेकिन यह दिखाता है कि राष्ट्रीय औसत के भीतर भी असमानताएं मौजूद हैं।

स्रोत

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