मोदी ने किया क्या है?

रक्षा और सुरक्षा

रक्षा निर्यात, स्वदेशी उत्पादन और आत्मनिर्भरता — सोर्स्ड व्यापार और उत्पादन आंकड़े।

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मिश्रित प्रभाव15 सित॰ 2026

वाम चरम पंथ (नक्सलवाद): प्रभावित जिले 126 से घटकर मुट्ठी भर बचे, पर शून्य नहीं

गृह मंत्रालय के आंकड़े दिखाते हैं कि वाम चरम पंथ (नक्सलवाद) से प्रभावित जिलों की संख्या 2013-14 के 126 से घटकर अप्रैल 2024 तक 38 हो गई, और 2025-26 तक और घटकर मुट्ठी भर रह गई — इसके साथ हिंसक घटनाओं और मौतों में भी तेज़ गिरावट आई। सरकार ने 2026 की शुरुआत में संसद को बताया कि यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है — लेकिन स्वतंत्र निगरानी में इसके बाद भी गिरफ़्तारियां, मुक़ाबले और आत्मसमर्पण दर्ज होते रहे हैं, और तीन जिले अब भी आधिकारिक रूप से सबसे ज़्यादा प्रभावित श्रेणी में हैं।

मिश्रित प्रभाव15 सित॰ 2026

INS विक्रांत: भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, मूल बजट से 13 गुना ज़्यादा लागत में बना

सितंबर 2022 में कमीशन हुआ INS विक्रांत भारत का पहला पूर्णतः स्वदेशी विमानवाहक पोत है, जिसे कोचीन शिपयार्ड ने 75% से ज़्यादा घरेलू सामग्री के साथ बनाया — यह अपने मूल शेड्यूल से लगभग 12 साल देरी से और 2003 में मंज़ूर ₹3,261 करोड़ के बजट से लगभग 13 गुना ज़्यादा, अंततः लगभग ₹23,000 करोड़ की लागत में पूरा हुआ।

प्रत्यक्ष प्रभाव14 सित॰ 2026

स्वदेशी रक्षा उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़कर रिकॉर्ड ₹1.27 लाख करोड़ हुआ

भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन 2014-15 के ₹46,429 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में रिकॉर्ड ₹1.27 लाख करोड़ हो गया, और घरेलू स्तर पर बने रक्षा उपकरणों की हिस्सेदारी लगभग 30-35% से बढ़कर लगभग 65% हो गई।

प्रत्यक्ष प्रभाव14 सित॰ 2026

रक्षा निर्यात एक दशक में ₹686 करोड़ से रिकॉर्ड ₹23,622 करोड़ तक पहुंचा

भारत का रक्षा निर्यात 2013-14 के ₹686 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में उस समय के रिकॉर्ड ₹23,622 करोड़ तक पहुंच गया (पिछले साल से 12% ज़्यादा) — और कुछ बाद की रिपोर्टों में इससे भी ज़्यादा आंकड़ा बताया गया है — जो 80 से ज़्यादा देशों तक पहुंच रहा है।