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अप्रत्यक्ष प्रभाव

भारत ने युद्ध क्षेत्रों से हज़ारों नागरिकों को मुफ़्त में सुरक्षित निकाला

प्रकाशित: 14 सित॰ 2026

फ़र॰ 2022मई 2023

पहले बनाम अभी

निकाले गए लोग (गंगा + कावेरी संयुक्त)

इन अभियानों से पहले

N/A — निकासी शुरू नहीं हुई थी

2022-2023 संयुक्त

~22,000 लोग निकाले गए

जब यूक्रेन और सूडान में युद्ध छिड़ा, तो भारत ने सिर्फ़ अपने नागरिकों को ही नहीं निकाला — सरकार के खर्च पर विदेशी नागरिकों को भी बचाया।

ऑपरेशन गंगा — यूक्रेन, 2022

जब 24 फरवरी 2022 को रूस का यूक्रेन पर आक्रमण शुरू हुआ, भारत ने दो दिन बाद ऑपरेशन गंगा शुरू किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2022 के अंत तक लगभग 90 उड़ानों के ज़रिए 18,000 से ज़्यादा भारतीय नागरिकों — ज़्यादातर छात्रों — को निकाला गया, पोलैंड, रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा से ज़मीनी रास्तों का समन्वय करते हुए, फिर हवाई मार्ग से वापस लाया गया। भारतीय वायुसेना की उड़ानों ने व्यावसायिक उड़ानों का साथ दिया।

ऑपरेशन कावेरी — सूडान, 2023

जब अप्रैल 2023 में सूडान में लड़ाई छिड़ी, ऑपरेशन कावेरी ने पोर्ट सूडान और जेद्दा से समुद्री और हवाई मार्गों के ज़रिए बैचों में लगभग 4,000 लोगों को निकाला, जिनमें भारतीय नागरिकों के साथ अन्य देशों के नागरिक भी शामिल थे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

दोनों अभियान भारत सरकार द्वारा चलाए और वित्तपोषित किए गए, निकाले गए लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया गया, और दोनों में भारतीय नागरिकों के साथ विदेशी नागरिकों को भी बचाया गया — यह बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचने वाली रही। दोनों अभियान कई हफ़्तों तक बैचों में चले, इसलिए रिपोर्टिंग की तारीख़ के अनुसार सटीक कुल संख्या थोड़ी अलग-अलग बताई गई है।

कूटनीतिऑपरेशन कावेरीऑपरेशन गंगा

स्रोत

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आख़िरी बार सत्यापित: 16 सित॰ 2026

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