मोदी ने किया क्या है?
मिश्रित प्रभाव

पीएम इंटर्नशिप योजना का पायलट: 52,600 ने प्रस्ताव स्वीकारे, 16,060 ने ज्वाइन किया, उनमें 6,618 ने बीच में छोड़ा और केवल 95 को नौकरी का प्रस्ताव — लक्ष्य एक करोड़ का

प्रकाशित: 18 अक्टू॰ 2026

अक्टू॰ 2024दिस॰ 2025

पहले बनाम अभी

पायलट उम्मीदवार: प्रस्ताव स्वीकार बनाम ज्वाइन (दो दौर)

स्वीकार
52600
ज्वाइन
16060
12 महीने से पहले छोड़ा
6618

पायलट अपने लक्ष्य के छोटे हिस्से तक पहुँचा है, और स्वीकार किए गए ज़्यादातर प्रस्ताव ज्वाइन की हुई इंटर्नशिप नहीं बने। योजना को असफल या सफल कहना अभी जल्दबाज़ी है; ढाँचा अभी बदल रहा है।

योजना क्या है

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में हुई, ताकि पाँच साल में 500 शीर्ष कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप मिले। Scroll द्वारा संसद में सरकार के उत्तरों के आधार पर दी गई रिपोर्ट के अनुसार कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने पायलट 3 अक्टूबर 2024 को शुरू किया। इंटर्नशिप 12 महीने की होती है। हमें जो पन्ने पढ़ने को मिले उनमें वज़ीफ़े की राशि या पात्रता के नियम नहीं मिले, इसलिए यहाँ नहीं दिए गए।

पायलट के आंकड़े

2 दिसंबर 2025 को रिपोर्ट किए गए लोकसभा के लिखित उत्तर में कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि दो पायलट दौरों में 52,600 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप प्रस्ताव स्वीकार किए, और उनमें से 16,060, यानी लगभग 30%, ने वास्तव में ज्वाइन किया। ज्वाइन करने वालों में से 6,618 ने 12 महीने पूरे करने से पहले छोड़ दिया: पहले दौर के 4,565 और दूसरे के 2,053। यह ज्वाइन करने वालों का लगभग 41% है, या स्वीकार करने वाले सभी का लगभग 12.6% (हमारा गणित)। दोनों दौरों में केवल 95 इंटर्न को मेज़बान कंपनियों से पूर्णकालिक नौकरी का प्रस्ताव मिला। इससे पहले जुलाई 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा को बताया था कि पहले दौर में 60,000 से अधिक उम्मीदवारों को 82,000 से अधिक प्रस्ताव मिले, जिनमें 28,141 ने स्वीकार किए, और दूसरे दौर में 71,000 से अधिक प्रस्तावों में तब तक 22,584 स्वीकार हुए थे।

अंतर क्यों, सरकार के बयान के अनुसार

Scroll के अनुसार इंटर्न की प्रतिक्रिया में लंबी दूरी, एक साल की अवधि और सौंपी गई भूमिका में रुचि न होना कम स्वीकृति और अधिक बीच में छोड़ने के मुख्य कारण बताए गए। वह जोड़ता है कि सरकार ने दूसरे दौर में जियो-टैग वाली जगहें और विस्तृत नौकरी-विवरण शुरू किए; इसके लिए वह Financial Express का हवाला देता है, जिसे हमने नहीं खोला।

पैसा

मंत्री ने बताया कि 2025-26 के लिए आवंटित ₹10,831 करोड़ में से 30 सितंबर 2025 तक केवल ₹73.72 करोड़ ख़र्च हुए, यानी लगभग 0.7% (हमारा गणित)। The Wire की एक शीर्षक-पंक्ति कहती है कि 1.5% धन उपयोग हुआ; हम वह लेख पढ़ नहीं सके, इसलिए अंतर यहाँ अस्पष्ट है।

सूक्ष्म नज़र: एक युवा के लिए

प्रस्ताव पर विचार कर रहे स्नातक के लिए आंकड़े बताते हैं कि स्वीकार किए गए ज़्यादातर प्रस्ताव ज्वाइन की हुई इंटर्नशिप नहीं बनते, और जो ज्वाइन करते हैं वे अक्सर साल पूरा होने से पहले छोड़ देते हैं। मेज़बान कंपनियों से केवल 95 नौकरी-प्रस्ताव का मतलब है कि योजना अब तक नौकरी का रास्ता कम और कार्य-अनुभव का कार्यक्रम ज़्यादा रही है। इंटर्न ने क्या सीखा या बाद में क्या कमाया, इसका आंकड़ा हमें नहीं मिला।

व्यापक नज़र: एक करोड़ का लक्ष्य

पाँच साल में एक करोड़ इंटर्न के लक्ष्य के सामने पायलट के 16,060 ज्वाइन किए गए लोग एक छोटी शुरुआत हैं। पायलट का काम ढाँचे को परखना था, और दूसरे दौर के बदलाव बताते हैं कि सरकार ने दिक़्क़तें देखीं। पूरी योजना बढ़ेगी, बदलेगी या बंद होगी, और पूर्ण स्तर का बजट क्या होगा, यह पढ़े गए स्रोतों में नहीं था।

जो शामिल नहीं

लोकसभा के मूल उत्तर (Scroll के उद्धृत अनुलग्नक नहीं खोले गए), वज़ीफ़ा और सरकार-कंपनी के बीच उसका बँटवारा, पात्रता, दूसरे दौर के बाद के नतीजे, 2026 का कोई उत्तर और स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं पढ़े गए। प्रस्ताव और स्वीकृति के आंकड़े अलग-अलग उत्तरों और दौरों में अलग हैं, और कुछ अलग तारीख़ों के हैं।

इंटर्नशिपयुवा रोज़गारपीएम इंटर्नशिप योजना

स्रोत

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आख़िरी बार सत्यापित: 18 अक्टू॰ 2026

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