GST के नौ साल: वसूली दोगुनी के करीब, और सितंबर 2025 की दर-कटौती के बाद की परीक्षा
प्रकाशित: 1 अक्टू॰ 2026
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सकल GST वसूली (मौजूदा कीमतों में)
GST करदाता (परिभाषाएँ अलग)
दिसंबर 2017 (पंजीकृत)
98 लाख
30 जून 2026 (सक्रिय)
1.67 करोड़
GST 2.0 का अनुमानित राजस्व-प्रभाव (लोकसभा, दिसंबर 2025)
GST ने अप्रत्यक्ष करों का ढांचा एक कर में समेटा और वसूली व करदाता-आधार दोनों बढ़े, पर पेट्रोल-शराब अब भी बाहर हैं और 2025 की दर-कटौती की कीमत सरकारी खजाने ने चुकाई।
GST ने क्या बदला
1 जुलाई 2017 से GST ने केंद्र और राज्यों के कई अप्रत्यक्ष करों की जगह ली। आर्थिक समीक्षा 2017-18 (PIB के अनुसार) में दिसंबर 2017 तक 98 लाख (9.8 मिलियन) अद्वितीय GST पंजीकृत करदाता दर्ज थे, जो पुरानी व्यवस्था के कुल अप्रत्यक्ष कर-पंजीकरणों से थोड़े अधिक थे। चूँकि पुरानी व्यवस्था में एक ही कारोबारी कई करों में पंजीकृत हो सकता था, समीक्षा के अनुसार दोहरी-तिहरी गिनती हटाने पर अद्वितीय अप्रत्यक्ष करदाता 50% से अधिक (लगभग 34 लाख) बढ़े। समीक्षा का अनुमान था कि लगभग 71 मिलियन गैर-कृषि उद्यमों में से करीब 13% GST में पंजीकृत थे।
वसूली और करदाता-आधार: नौ साल में
वित्त मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार 2018-19 (पहला पूरा वर्ष) में सकल GST वसूली ₹11.77 लाख करोड़ थी। 2025-26 में सकल वसूली ₹22,27,096 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष से 8.3% अधिक है; रिफंड के बाद शुद्ध वसूली ₹19,34,766 करोड़ (7.1% वृद्धि) रही। यह तुलना मौजूदा कीमतों में है, महंगाई के लिए समायोजित नहीं, इसलिए वास्तविक वृद्धि इससे कम होगी। GSTN की एक रिपोर्ट के अनुसार 30 जून 2026 को सक्रिय GST करदाताओं की संख्या 1,67,14,646 थी; ‘सक्रिय करदाता’ की गणना दिसंबर 2017 के ‘पंजीकृत’ आँकड़े से परिभाषा में अलग है, इसलिए दोनों की सीधी तुलना सतर्कता से पढ़ें। प्रति व्यक्ति रूप में, ₹22.27 लाख करोड़ लगभग 1.46 अरब आबादी पर औसतन करीब ₹15,000 प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष बैठता है (यह इस साइट की अपनी गणना है, जो ऊपर के सकल आँकड़े और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या अनुमान पर आधारित है)।
GST 2.0: दरें घटीं, किसकी कीमत पर
3 सितंबर 2025 को GST परिषद ने ढांचा सरल किया: 12% और 28% की दरें हटीं और मुख्यतः 5% और 18% रह गईं, चुनिंदा वस्तुओं के लिए 40%। ये बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू हुए। दिसंबर 2025 में लोकसभा को बताया गया कि दर-युक्तिकरण का सकल राजस्व-प्रभाव लगभग ₹93,300 करोड़ का नुकसान था, जिसे 28% से 40% में गई वस्तुओं की लगभग ₹45,570 करोड़ की अतिरिक्त आय घटाती है, यानी शुद्ध लगभग ₹47,700 करोड़ का नुकसान। मंत्रालय ने साथ में कहा कि ये अनुमान अंतिम नहीं हैं और कम दरें बेहतर अनुपालन व कम विवाद ला सकती हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार, शुद्ध GST वसूली 2025 के अंत तक सुस्त रही और जनवरी 2026 से सुधार के संकेत दिखे। अधिकांश वस्तुओं पर मुआवज़ा उपकर हटा लिया गया और बकाया मुआवज़ा-उपकर ऋण व ब्याज की देनदारी 1 फरवरी से चुकता मानी गई।
आम परिवार के लिए इसका मतलब
सरकारी विवरण के अनुसार 12% और 28% वाली बहुत-सी रोज़मर्रा की वस्तुएँ 5% या 18% में आईं, जिसका लक्ष्य परिवारों की खरीद में निहित कर घटाना था। इसका कितना हिस्सा वास्तव में दुकान की कीमतों तक पहुँचा, इस पर हमें कोई स्वतंत्र, सत्यापित आँकड़ा नहीं मिला, इसलिए यह प्रविष्टि इसे सिद्ध परिणाम के रूप में प्रस्तुत नहीं करती। छोटे कारोबारियों के लिए GST का अर्थ ऑनलाइन रिटर्न-भरना रहा: GSTN के अनुसार जुलाई 2017 से जून 2026 तक कुल 192.27 करोड़ रिटर्न दाखिल हुए।
जो अब भी अधूरा है
दिसंबर 2025 में लोकसभा के लिखित उत्तर में सरकार ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद और शराब को GST के दायरे में लाने का प्रस्ताव फिलहाल नहीं है, जब तक GST परिषद सिफारिश न करे; शराब पर उत्पाद शुल्क लगाने का अधिकार राज्यों के पास है। यानी ‘एक राष्ट्र, एक कर’ में दो बड़े राजस्व-स्रोत अब भी बाहर हैं। साथ ही, GST 2.0 का राजस्व-असर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं: ऊपर के सभी अनुमान शुरुआती हैं और पूरे साल के आँकड़े आने बाकी हैं। यह प्रविष्टि इस पर कोई निर्णय नहीं देती कि ये दर-कटौतियाँ अंततः सही सौदा साबित होंगी या नहीं।
स्रोत
- GST data reveals 50% increase in number of Indirect TaxpayersPress Information Bureau (Economic Survey 2017-18)Official / primary source
- GST Reforms 2025: Relief for Common Man, Boost for BusinessesPress Information BureauOfficial / primary source
- GST collections rise 8.8% to over Rs 2 lakh cr in MarchAll India Radio (Prasar Bharati)Reputable media
- GST revenue touches record high of Rs 1.06 trillion in March: FinMinBusiness Standard (PTI)Reputable media
- One year of GST 2.0: Net GST revenue shows signs of recoveryBusiness StandardReputable media
- Centre projects ₹47,000 cr net revenue loss from GST rate rationalisationBusiness StandardReputable media
- Government Clarifies Status of Bringing Petroleum Products and Alcohol Under GST FrameworkA2Z Taxcorp LLP (reproducing Lok Sabha reply)Secondary source
- Nine Years of GST: Taxpayer Base Crosses 1.67 CroreA2Z Taxcorp LLP (reproducing GSTN report)Secondary source
आख़िरी बार सत्यापित: 1 अक्टू॰ 2026
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