संसद ने रियल-मनी ऑनलाइन गेम पर रोक लगाई — संचालकों को 3 साल तक क़ैद और ₹1 करोड़ तक जुर्माना, ई-स्पोर्ट्स को समर्थन; निशाना खिलाड़ी नहीं
प्रकाशित: 18 अक्टू॰ 2026
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ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र का आकार (₹ करोड़), ELP द्वारा उद्धृत उद्योग-अनुमान
2024
31938
2029 (अनुमान, प्रतिबंध से पहले)
78551
पैसे वाले कौशल और संयोग के खेल अब एक जैसे माने गए हैं, और क़ानून का निशाना संचालक, विज्ञापनदाता और भुगतान माध्यम हैं। अभी यह पता नहीं कि यह कितने उपयोगकर्ताओं को बचाता है और क्या वे विदेशी ऐप की ओर जाते हैं।
क़ानून क्या करता है
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 लोकसभा में 20 अगस्त 2025 को पेश हुआ। PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के सार के अनुसार यह ऑनलाइन मनी गेम और उनसे जुड़ी सेवाएँ देने या उनमें सहायता करने पर रोक लगाता है। ऑनलाइन मनी गेम वह है जिसमें उपयोगकर्ता धन या अन्य दाँव लगाकर आर्थिक या अन्य लाभ की उम्मीद करता है, चाहे खेल कौशल पर आधारित हो, संयोग पर या दोनों पर। 'अन्य दाँव' में क्रेडिट, सिक्के और टोकन शामिल हैं जो धन के बराबर या उसमें बदले जा सकते हैं। विधेयक ऐसे खेलों के विज्ञापन और उनके भुगतान में मदद पर भी रोक लगाता है और केंद्र को संबंधित जानकारी को सार्वजनिक पहुँच से रोकने की शक्ति देता है।
सज़ा और प्रवर्तन
PRS के अनुसार: ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाएँ देने पर तीन साल तक क़ैद, ₹1 करोड़ तक जुर्माना या दोनों; विज्ञापन पर दो साल तक क़ैद, ₹50 लाख तक जुर्माना या दोनों; वित्तीय लेन-देन में सहायता पर तीन साल तक, ₹1 करोड़ तक या दोनों। सेवाएँ देना और भुगतान में सहायता संज्ञेय और ग़ैर-ज़मानती हैं। सरकारी निर्देशों का पालन न करने पर ₹10 लाख तक का दीवानी जुर्माना लग सकता है। अधिकृत अधिकारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत स्थानों की तलाशी ले सकते हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और सोशल-मीडिया खाते भी शामिल हैं, और संदिग्ध को बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकते हैं। एक लॉ फ़र्म (ELP) का नोट कहता है कि खिलाड़ी को दंड नहीं दिया जाएगा; PRS का सार खिलाड़ी पर किसी दंड का उल्लेख नहीं करता।
क्या अब भी अनुमत है
विधेयक ई-स्पोर्ट्स और 'ऑनलाइन सोशल गेम' को बढ़ावा देता है। PRS के अनुसार ई-स्पोर्ट को राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत मान्य होना चाहिए, नतीजा कौशल से तय होना चाहिए और कोई दाँव नहीं होना चाहिए, हालाँकि प्रवेश शुल्क और इनाम राशि की अनुमति है। सोशल गेम केवल मनोरंजन या कौशल-विकास के लिए होता है, उसमें अधिकतम सदस्यता या एकमुश्त पहुँच शुल्क हो सकता है और कोई दाँव नहीं। केंद्र पंजीकरण व्यवस्था, प्रशिक्षण अकादमियाँ और प्रोत्साहन बना सकता है, और एक प्राधिकरण तय कर सकता है कि कोई खेल ऑनलाइन मनी गेम है या नहीं।
कितनी तेज़ी से पारित हुआ
लॉ फ़र्म ELP के अनुसार लोकसभा ने विधेयक पारित किया और अगले दिन राज्यसभा ने 'अचानक' उसे पारित कर दिया, फिर वह राष्ट्रपति की स्वीकृति की प्रतीक्षा में था। हमने अधिसूचित अधिनियम नहीं पढ़ा, इसलिए स्वीकृति और लागू होने की तारीख़ यहाँ पुष्ट नहीं है, और अदालती चुनौतियों, अभियोजन या उपयोगकर्ताओं की जमा राशि के बारे में हमें कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
सूक्ष्म नज़र: युवा खिलाड़ी या क्रिएटर के लिए
जो पैसे वाले फ़ैंटेसी या कार्ड गेम ऐप पर खेलता था, उसके लिए सार के अनुसार क़ानून का निशाना संचालक, विज्ञापनदाता और भुगतान माध्यम हैं, खिलाड़ी नहीं। जो ऐसे खेलों का प्रचार करता था, उसके लिए विज्ञापन ख़ुद अपराध है। प्रतिस्पर्धी गेमर के लिए ई-स्पोर्ट्स का रास्ता खुला है, पर तभी जब खेल मान्य हो और उसमें दाँव न हो। कितने लोग खेलते हैं या पैसे गँवाए, इसके आँकड़े हमें नहीं मिले।
व्यापक नज़र: एक उद्योग और सामाजिक नुक़सान का सवाल
ELP एक उद्योग-अनुमान का हवाला देता है कि ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र 2024 के लगभग ₹31,938 करोड़ (3.7 अरब डॉलर) से 2029 तक ₹78,551 करोड़ (9.1 अरब डॉलर) होगा, और कहता है कि रियल-मनी गेमिंग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मिलता है; यह प्रतिबंध से पहले का अनुमान था और क्षेत्र इस रूप में वहाँ नहीं पहुँचेगा। ELP के अनुसार क़ानून के घोषित कारण हैं लत, आर्थिक नुक़सान और मानसिक क्षति, ख़ासकर युवाओं में, और विदेशी संचालकों से धोखाधड़ी व मनी-लॉन्ड्रिंग। ये नुक़सान कितने बड़े थे या उपयोगकर्ता विदेशी या अनियमित ऐप की ओर जाएँगे या नहीं, इसका आकलन हमें नहीं मिला।
जो शामिल नहीं
अधिनियम का राजपत्रित पाठ, स्वीकृति और प्रारंभ की तारीख़, इसके तहत बने नियम, प्राधिकरण का गठन, अदालती चुनौतियाँ, प्रतिबंध के बाद कर और रोज़गार पर असर, और लत या नुक़सान के सर्वेक्षण-आंकड़े नहीं पढ़े गए। यहाँ सज़ा के आंकड़े विधेयक के PRS सार के अनुसार हैं; ELP का नोट सीमा अलग बताता है (₹50 लाख से ₹1 करोड़), इसलिए राजपत्र देखा जाना चाहिए।
स्रोत
- Bill Summary: The Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 (21 August 2025)PRS Legislative ResearchReputable media
- ELP Competition Update: Parliament passes the Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 (August 2025)Economic Laws Practice (law firm)Secondary source
आख़िरी बार सत्यापित: 18 अक्टू॰ 2026
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