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खेल एवं युवा मामले

खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसी सरकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचा और फंडिंग — पदक तालिका का ईमानदार संदर्भ सहित, बिना किसी खिलाड़ी का नाम लिए।

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मिश्रित प्रभाव30 सित॰ 2026

टॉप्स योजना भारत के शीर्ष ओलंपिक खिलाड़ियों को फंड देती है, पदक तालिका बढ़ी — लेकिन श्रेय सिर्फ सरकार का नहीं

2014 में शुरू हुई टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) भारत के शीर्ष खिलाड़ियों को वृत्तिका (स्टाइपेंड), विदेशी कोचिंग, उपकरण और प्रतियोगिता यात्रा के लिए फंड देती है। इसी दौर में भारत की ओलंपिक पदक संख्या भी बढ़ी है — 2008 बीजिंग के 3 पदकों से 2020 टोक्यो में 7 पदकों तक — लेकिन यह वृद्धि निजी अकादमियों, कॉर्पोरेट प्रायोजन और खिलाड़ियों के अपने प्रयास को भी दर्शाती है, केवल सरकारी फंडिंग को नहीं।

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खेलो इंडिया: फंडिंग आठ गुना बढ़ी, लेकिन जमीनी बुनियादी ढांचा अभी भी मंजूरी और पूर्णता के बीच फंसा

2016-17 में शुरू हुई और 2018 में खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के साथ सार्वजनिक पहचान पाने वाली खेलो इंडिया योजना का बजट ₹97.5 करोड़ (2016-17) से बढ़कर जुलाई 2026 में मंजूर हुए 2026-31 के दौर के ₹36,441 करोड़ (खेलो इंडिया स्कीम + राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता, संयुक्त) तक पहुंच गया है। लेकिन संसदीय समिति और राज्य-स्तरीय आंकड़े दिखाते हैं कि स्वीकृत ढांचे और वास्तव में चालू ढांचे के बीच लगातार अंतर रहा है, और शुरुआती वर्षों में आवंटित राशि से भी कम खर्च हुआ।