मोदी ने किया क्या है?

शासन एवं न्यायपालिका

संवैधानिक फ़ैसले, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, और CAG/संसदीय जवाबदेही निष्कर्ष — बिना किसी पक्ष को दोषी या सही ठहराए, स्रोत सहित।

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मिश्रित प्रभाव28 सित॰ 2026

सुप्रीम कोर्ट ने आधार की मूल संवैधानिकता बरकरार रखी, बैंक-मोबाइल से अनिवार्य लिंकिंग रद्द की

26 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से आधार अधिनियम की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी, जिससे सरकारी कल्याण और सब्सिडी वितरण के लिए आधार का उपयोग जारी रह सका — लेकिन साथ ही धारा 57 (जो निजी कंपनियों को आधार मांगने की अनुमति देती थी) और बैंक खातों, मोबाइल सिम कार्ड व स्कूल दाखिले से आधार की अनिवार्य लिंकिंग को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ पूरी तरह असहमत रहे और उन्होंने पूरे अधिनियम को असंवैधानिक ठहराया।

मिश्रित प्रभाव28 सित॰ 2026

CAG ऑडिट में खुलासा: तमिलनाडु में स्मार्ट सिटी का पैसा बिना-मंज़ूरी वाली परियोजनाओं में गया, जबकि मंज़ूर परियोजनाएं अधूरी रहीं

भारत का स्मार्ट सिटी मिशन (शुरुआत 25 जून 2015, 100 शहरों में ₹2.04 लाख करोड़ का कुल परिव्यय) मार्च 2025 में अपने समापन तक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी टेंडर की गई लगभग 93% परियोजनाएं पूरी कर चुका था। लेकिन तमिलनाडु के 11 में से 7 स्मार्ट शहरों के CAG परफ़ॉर्मेंस ऑडिट ने, जो 8 सितंबर 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में पेश हुआ, पाया कि जनता की सहमति के बाद मंज़ूर हुई 52 परियोजनाएं (₹1,602.20 करोड़ मूल्य की) कभी पूरी नहीं हुईं, जबकि 44 बिना-मंज़ूरी वाली परियोजनाएं (₹623.86 करोड़ मूल्य की) नियमों के उल्लंघन में आगे बढ़ाई गईं — साथ ही निष्क्रिय संपत्तियां, गैर-कार्यशील सुविधाएं, और ब्याज आय का कम हस्तांतरण भी मिला।

मिश्रित प्रभाव28 सित॰ 2026

CAG को पता चला: GST क्षतिपूर्ति सेस के ₹47,272 करोड़ कानून के मुताबिक राज्यों के लिए तय फंड में नहीं गए

1 जुलाई 2017 को लागू हुए GST के साथ एक कानूनी वादा था: राज्यों को पांच साल तक राजस्व की कमी की भरपाई की जाएगी, जिसके लिए GST (राज्यों को क्षतिपूर्ति) अधिनियम, 2017 के तहत एक समर्पित, नॉन-लैप्सेबल GST क्षतिपूर्ति सेस फंड बनाया गया था। एक CAG ऑडिट में पाया गया कि केंद्र सरकार ने 2017-18 और 2018-19 में जमा हुए सेस में से ₹47,272 करोड़ (क्रमशः ₹6,466 करोड़ और ₹40,806 करोड़) कानून के मुताबिक उस फंड में नहीं डाले, बल्कि उन्हें भारत की समेकित निधि (Consolidated Fund of India) में ही रखा। वित्त मंत्रालय ने इस कमी को स्वीकार किया, पर CAG के इसे कानून के उल्लंघन के रूप में पेश करने पर असहमति जताई, इसे 'सुलह की प्रक्रिया के दौरान अस्थायी रोक' बताया, न कि पैसे का गलत इस्तेमाल।

मिश्रित प्रभाव28 सित॰ 2026

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला और राम मंदिर का निर्माण

9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों वाली पीठ ने सर्वसम्मति से दशकों पुराने अयोध्या भूमि विवाद का निपटारा करते हुए 2.77 एकड़ भूमि मंदिर ट्रस्ट को सौंपी, 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को कानून का उल्लंघन बताया, और मस्जिद के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि देने का आदेश दिया; इसके परिणामस्वरूप बने राम मंदिर की 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा हुई।

मिश्रित प्रभाव28 सित॰ 2026

अनुच्छेद 370 का निरसन और जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन

5-6 अगस्त 2019 को एक राष्ट्रपति आदेश और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम ने अनुच्छेद 370 के विशेष दर्जे व अनुच्छेद 35A को समाप्त कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया; सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में सर्वसम्मति से इस निरसन की संवैधानिकता बरकरार रखी, और सितंबर-अक्टूबर 2024 में जम्मू-कश्मीर में एक दशक बाद पहला विधानसभा चुनाव हुआ।